कोरोना से संक्रमित होने का डर था; पिता ने 80 किमी बाइक चलाकर बेटे को पहुंचाया परीक्षा केंद्र, छात्र बोला- मुझे पेपर से डर नहीं था

कोरोना संकटकाल के बीच देश में इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मेन 2020 हो रहा है। परीक्षाएं एक सितंबर से शुरू हुई है। शुक्रवार को चौथे दिन परीक्षार्थियों में कोरोना और परीक्षा के भय का मिला-जुला असर देखने को मिला। कोई 80 किमी बाइक चलाकर परीक्षा देने पहुंचा तो कोई अपनों के साथ निजी साधन से आया था। सभी मास्क पहने हुए थे। परीक्षा केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए छात्रों को एंट्री दी गई।

लखनऊ के प्रबंध नगर स्थित सुभाषचंद्र बोस इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन और जानकीपुरम में लखनऊ डिजिटल सॉल्यूशन संस्थान को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इन परीक्षा केंद्रों पर शुक्रवार को पहुंचे छात्रों में कोरोना के प्रति अलग-अलग राय मिली। हालांकि परीक्षा केंद्र पर और भीतर हॉल में सोशल डिस्टेंसिंग और महामारी से बचाव के सारे इंतजाम मौजूद थे। पेपर छूटने के बाद भी केंद्र पर छात्रों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा।

किसी ने कहा- पेपर से डर नहीं कोरोना से भय, कोई बोला- मुझे दोनों से डर नहीं

  • प्रबंध नगर स्थित सुभाषचंद्र बोस इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशनल परीक्षा केंद्र पर जेईई मेन का एग्जाम देने आए छात्र आदेश प्रताप सिंह ने बताया कि वे पिता के साथ रायबरेली से बाइक चलाकर 80 किमी दूरी तय कर पेपर देने आए हैं। ये मरी दूसरी बार परीक्षा है। पिछले साल एग्जाम दिया था, मगर सफलता नहीं मिली थी। इस बार मुझे पेपर का डर नहीं है, लेकिन कोरोना का डर लग रहा है। क्योंकि, उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले में सबसे ज्यादा कोरोना के मरीज रोजाना निकल रहे हैं।
आदेश।
  • प्रबंधनगर परीक्षा केन्द्र पर जेईई मेन का दूसरी बाद पेपर देने आए सुल्तानपुर निवासी आसीब अहमद ने बताया कि बीते साल उन्हें असफलता मिली थी। इस साल पढ़ाई में मैंने कड़ी मेहनत की है। मुझे पेपर से बिलकुल डर नहीं लग रहा है। मगर कोरोना से डर लग रहा है। क्योंकि अखबारों में पढ़ने से पता चलता है कि कोरोना के मरीजों में लखनऊ पहले स्थान पर है।
आसीब।
  • राजधानी के मोहनलाल गंज निवासिनी सुभाषिनी राजपूत ने बताया कि उनका जानकीपुरम् स्थित लखनऊ डिजिटल सॉल्यूशन सेंटर है। जेईई मेन की दूसरी बार परीक्षा दे रही हूं। मुझे न कोरोना से डर लग रहा और न पेपर से।
सुभाषिनी।
  • कैलाशपुरी लखनऊ निवासी विवेक सक्सेना ने बताया कि उनका परीक्षा केन्द्र जानकीपुरम् स्थित लखनऊ डिजिटल सॉल्यूशन है। मुझे कोरोना और पेपर दोनों से डर नहीं लगा। मैंने अच्छे से तैयारी की थी। इसका मुझे फायदा मिला है। पेपर अच्छा हुआ।
विवेक सक्सेना।


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लखनऊ में परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा घेरा बनाया गया है। एंट्री और परीक्षा छूटने के बाद भीड़ नहीं लगने दी जा रही है।

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