आजमगढ़ में चौराहों पर बलात्कारियों के लगे पोस्टर, पुलिस ने सपा नेता पर दर्ज किया केस

उत्तर प्रदेश में शोहदों व दुष्कर्म आरोपियों के पोस्टर सार्वजनिक करने को लेकर योगी सरकार के 'ऑपरेशन दुराचारी' के फरमान पर सियासत शुरू हो गई है। सोमवार को समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में समाजवादी युवजन सभा ने दुष्कर्म केस में फंसे या दोषी कई लोगों के पोस्टर सार्वजनिक जगहों पर लगाए। इनमें कई का संबंध भाजपा से भी रहा है। जिनमें पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर एक हैं। जानकारी होने पर पुलिस ने पोस्टरों को हटवाया है। साथ ही पोस्टर लगवाने वाले सपा नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए जांच शुरू की गई है।

पोस्टर लगाने की जिम्मेदारी ली

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एंटी रोमियो स्क्वॉयड के बाद अब ऑपरेशन दुराचारी शुरू किया है। इसमें उन्होंने छेड़खानी, रेप व महिला अपराध से जुड़े आरोपियों के पोस्टर सार्वजनिक करने की बात कही है। इसी के जवाब में लालजीत क्रांतिकारी के नाम से आजमगढ़ के प्रमुख स्थानों पर लगाए गए पोस्टर में इसे मुख्यमंत्री के निर्देश पर लगाना दिखाया गया है। पोस्टर में उन्नाव के बांगरमऊ से विधायक रहे कुलदीप सिंह सेंगर और डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम की भी फोटो है।

पोस्टर लगाने की जिम्मेदारी समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य लालजीत यादव क्रांतिकारी ने ली है। उनका कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस आदेश का पालन किया है, जिसमें सीएम ने कहा था कि बलात्कारियों के पोस्टर चौराहों पर लगाए जाएंगे। लालजीत का कहना है कि हम समाजवादी पार्टी के सिपाही हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के आदेश का पालन करते हैं। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा बलात्कारी मुख्यमंत्री की पार्टी भारतीय जनता पार्टी में हैं, इसीलिए हमने पोस्टर लगाए।

नगर कोतवाली में दर्ज हुआ केस
एसपी सुधीर कुमार सिंह ने बता कि पुलिस ने इन पोस्टरों को हटा दिया है और पोस्टर लगाने वालों के विरुद्ध थाना कोतवाली नगर में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पोस्टर लगाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



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आजमगढ़ में लगे विवादित पोस्टर।

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