पेशे से शिक्षक रहे सपा महासचिव राम गोपाल यादव का बढ़ा असलहा प्रेम, 16 साल के भीतर कार्बाइन, रायफल और पिस्टल जैसे तीन असलहे खरीदे

पेशे से शिक्षक रहे समाजवादी पार्टी के महासचिव व राज्यसभा सांसद प्रोफेसर राम गोपाल यादव बदले समय के साथ असलहों से प्रेम करने लगे हैं। 16 साल पहले जहां उनके पास एक भी असलहा नहीं था, वहीं अब उनके बाद तीन असलहे हैं। जिनमें एक कार्बाइन, एक रायफल और एक रिवॉल्वर शामिल है। वहीं, इस अवधि में उनकी संपत्ति भी 18 गुना बढ़ गई है। हालांकि देनदारी भी अधिक है। बुधवार को लाव-लश्कर के साथ प्रोफेसर यादव ने विधानसभा के सेंट्रल हाल में पहुंचकर नामांकन दाखिल किया।

प्रोफेसर राम गोपाल यादव ने नामांकन के साथ अपनी हैसियत का हलफनामा दाखिल किया है, वह दैनिक भास्कर के पास मौजूद है। उन्होंने अपनी कुल संपत्ति 141,973,086 बताई है। जिसमें चल संपत्ति 2.09 करोड़ और अचल संपत्ति 12.10 करोड़ रुपए बताई है। साल 1992 में राम गोपाल पहली बार राज्यसभा सांसद बने थे।

16 साल में 18 गुना बढ़ी संपत्ति

2004 में संभल लोकसभा सीट से प्रो. रामगोपाल यादव ने चुनाव लड़ा था और जीते भी थे। तब उन्होंने अपना जो एफिडेविट दाखिल किया था, उस हिसाब से उनकी कुल संपत्ति 79,53,884 बताई थी। जबकि 2020 में यह 18 गुना बढ़कर 141,973,086 हो गयी है।

19 गुना बढ़ गयी 16 साल में देनदारी

2004 में जब प्रो. रामगोपाल यादव ने अपना एफिडेविट दाखिल किया था, तब उनके ऊपर 4,75,000 की देनदारी थी। जबकि 2020 में उनकी देनदारी 19 गुना बढ़ कर 89,16,648 हो गयी है।

16 साल से नही बढ़े जेवरात, बढ़ गयी बंदूकें

2004 के हलफनामे के मुताबिक रामगोपाल यादव के पास 610 ग्राम सोना था। जबकि 2020 में भी इतना ही सोना उन्होंने अपने एफिडेविट में दिखाया है। जिसका मूल्य 30,70,313 रुपए है। जबकि 2004 में रामगोपाल यादव के पास बंदूकें नहीं थी। 2020 में उनके पास 3 बंदूकें हैं। जिनमें एक कार्बाइन, एक रायफल और एक रिवॉल्वर शामिल है।



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राम गोपाल यादव ने बुधवार को विधान सभा के सेंट्रल हॉल पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल किया।

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