हत्या के मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही पुलिस, असलहे की बरामदगी करने का प्रयास

उत्तर प्रदेश में बलिया के दुर्जनपुर हत्याकांड के मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह को पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया है। उसे जिला कारागार से सीधे रेवती थाना ले जाया गया है। उससे एक बंद कमरे में थाना प्रभारी एवं विवेचक प्रवीण कुमार सिंह ने पूछताछ की। इसके बाद धीरेंद्र को लेकर पुलिस उसके घर पहुंची। दरअसल, बलिया के सीजेएम कोर्ट ने बुधवार को तीन दिन की पुलिस रिमांड स्वीकार कर ली थी।

कोर्ट ने अभियुक्त को अधिवक्ता साथ रखने की छूट दी है, जो पुलिस कार्रवाई में कोई हस्तक्षेप किए बिना दूर से कार्रवाई को देख सकता है। पुलिस ने धीरेंद्र को 48 घंटों के रिमांड पर लेने के बाद मेडिकल चेकअप कराया। उसके बाद आरोपी को 11 बजे रेवती थाना लेकर आई। अधिवक्ता बृजेश सिंह थाने पर साथ रहे। बंद कमरे में आवश्यक पूछताछ करने के बाद पुलिस दुर्जनपुर स्थित उसके आवास पर ले गई। आवास पर पहुंचते ही घर की महिलाएं आरोपी से लिपट कर रोने लगीं।

ये था मामला
बलिया जिले के रेवती थाना इलाके के दुर्जनपुर गांव के पंचायत भवन में 15 अक्टूबर को हनुमानगंज और दुर्जनपुर की कोटे की दुकानों के चयन को लेकर खुली बैठक की जा रही थी। इस दौरान विवाद हो गया। इसके बाद दोनों पक्षों में तनातनी शुरू हो गई। प्रशासन के विरोध में नारेबाजी हुई। देखते ही देखते ईंट-पत्थर चलने लगे।

इस दौरान पुलिस के सामने ही मुख्य आरोपी धीरेंद्र ने फायरिंग कर दी। इससे जयप्रकाश पाल (45) की गोली लगने से मौत हो गई। इस मामले में धीरेंद्र समेत आठ नामजद और 25 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के 72 घंटे के बाद यूपी एसटीएफ ने लखनऊ के पॉलीटेक्निक चौराहे से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया था।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
बलिया गोलीकांड के मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह को अदालत ने बुधवार को तीन दिनों की रिमांड दी थी। पुलिस उससे पूछताछ कर हत्या में प्रयुक्त असलहा बरामद करने का प्रयास कर रही है।

Comments

Popular posts from this blog

कोतवाली में हाथ जोड़कर मिन्नतें करती रही महिला, कोतवाल ने मारी लात, वीडियो वायरल

सेना के जवान के खिलाफ पाकिस्तान के लिए जासूसी के सबूत मिले, UP ATS की टीम कर रही कड़ी पूछताछ

अभिभावकों से वसूली पूरी फीस, कर्मचारियों का वेतन काट उन्हें निकाला