आज सम्मानित होंगे बिकरु शूटआउट में शहीद पुलिसकर्मियों का परिवार, पुलिस लाइन में कार्यक्रम शुरू

61 साल से लगातार मनाए जाने वाले पुलिस स्मृति दिवस के दिन देश भर में जहां 264 शहीद पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। वहीं यूपी में 1 सितंबर 2019 से 31 अगस्त 2020 के बीच शहीद हुए 9 पुलिसकर्मियों का सम्मान किया जाएगा। जिनमें से 8 पुलिसकर्मी बिकरु कांड में शहीद हुए हैं, जबकि एक पुलिसकर्मी सुल्तानपुर में एक घटना में शहीद हुए थे। पुलिस लाइन में यह कार्यक्रम शुरू हो चुका है।

कौन कौन होगा सम्मानित?

आज पुलिस लाइन में आयोजित होने वाले पुलिस स्मृति दिवस में कोविड प्रोटोकाल का ध्यान रखते हुए शोक परेड आयोजित की जाएगी। इसके बाद बिकरु कांड में शहीद हुए सीओ देवेंद्र मिश्रा, सब इंस्पेक्टर अनूप कुमार सिंह, सब इंस्पेक्टर महेश कुमार यादव, सब इंस्पेक्टर नेबूलाल, सिपाही जितेन्द्र कुमार पाल, सुल्तान सिंह, राहुल कुमार और बबलू कुमार शामिल हैं। जबकि सुल्तानपुर जिले में तैनात रहे हेड सिपाही जितेन्द्र कुमार मौर्य जिनकी शहादत एक हमले में 3 अक्टूबर 2019 को हुई थी। इन्हें भी सम्मानित किया जाएगा।

क्या था बिकरु कांड?

कानपुर के चौबेपुर थाना इलाके का बिकरु गांव... 2 जुलाई की रात गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग की गई। इस दौरान विकास और उसकी गैंग ने 8 पुलिसवालों को गोलियों से भून दिया था। सरगना विकास 3 राज्यों की पुलिस को चकमा देकर यूपी से हरियाणा और फिर राजस्थान होते हुए मध्यप्रदेश पहुंच गया। सरेंडर के अंदाज में उज्जैन के महाकाल मंदिर से गुरुवार को विकास की गिरफ्तारी हुई। यूपी पुलिस उसे कानपुर ले जा रही थी, लेकिन रास्ते में विकास का वही अंजाम हुआ जिसके डर से वह भागता फिर रहा था। शुक्रवार सुबह कानपुर से 17 किमी पहले पुलिस ने विकास को एनकाउंटर में मार गिराया।

इसलिए हर साल 21 अक्टूबर को मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस

पुलिस स्मृति दिवस के महत्व के बारे में सीआरपीएफ की बहादुरी की एक कहानी है। 21 अक्टूबर 1959 में लद्दाख में तीसरी बटालियन की एक कंपनी को भारत-तिब्बत सीमा की सुरक्षा के लिए लद्दाख में ‘हाट-स्प्रिंग‘ में तैनात किया गया था। कंपनी को टुकडिय़ों में बांटकर चौकसी करने को कहा गया। जब बल के 21 जवानों का गश्ती दल ‘हाट-स्प्रिंग‘ में गश्त कर रहा था। तभी चीनी फौज के एक बहुत बड़े दस्ते ने इस गश्ती टुकड़ी पर घात लगाकर आक्रमण कर दिया। तब बल के मात्र 21 जवानों ने चीनी आक्रमणकारियों का डटकर मुकाबला किया। मातृभूमि की रक्षा के लिए लड़ते हुए 10 शूरवीर जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। बीते 61 साल से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के इन बहादुर जवानों के बलिदान को देश के सभी केंद्रीय पुलिस संगठनों व सभी राज्यों की सिविल पुलिस द्वारा ‘‘पुलिस स्मृति दिवस‘‘ के रूप में मनाया जाता है।



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प्रतीकात्मक फोटो।

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