आईपीएल में सट्टा लगाने वाले दो आरोपी एसटीएफ के हत्थे चढ़े, पूछताछ में उगले कई राज

उत्तर प्रदेश में तेजी से फल-फूल रहे आईपीएल सट्टे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए यूपी पुलिस और एसटीएफ की टीम तेजी के साथ अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रही है। इसके चलते एसटीएफ ने बुधवार को आईपीएल में सट्टा आम लोगों से सट्टा लगवाने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास लगभग ₹281700 रुपए के साथ-साथ आईपीएल में सट्टा लगाने के लिए प्रयोग में आने वाली बैटिंग सामग्री भी बरामद की है।

जानकारी के अनुसार आईपीएल 2020 क्रिकेट मैच शुरू होने के बाद से ही उत्तर प्रदेश की एसटीएफ को लगातार लंबे यूपी के अंदर से आईपीएल मैच को लेकर सट्टा लगवाने वाले गिरोह की सूचना प्राप्त हो रही थी जिस गिरोह को पकड़ने के लिए एसटीएफ की टीम प्रदेश भर में छापेमारी कर रहे थे इसी दौरान एसटीएफ को जानकारी मिली की कानपुर नगर में आईपीएल में सट्टा लगवाने वाले का एक संगठित गिरोह सक्रिय है। जिसका सरगना प्रशान्त वर्मा है और यह भी जानकारी मिली कि प्रशान्त वर्मा को पकड़े जाने के डर से अपने साथियों के साथ दूसरे शहरों में गाड़ीघूम-धूम कर आईपीएल मैच में सट्टा लगाने के कार्य को कर रहा है।

एसटीएफ ने जानकारी मिलते ही प्रशांत वर्मा की गिरफ्तारी के लिए एक टीम का गठन किया और मुखबिर की सूचना पर बताए गए स्थान पर पहुंच कर घेराबंदी करते हुए दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जिनके पास से लगभग ₹281700 के साथ-साथ आईपीएल में सट्टा लगाने के लिए प्रयोग में आने वाली बैटिंग सामग्री भी एसटीएफ की टीम ने बरामद की है।

पहले भी जेल चुका है मुख्य आरोपी

एसटीएफ की टीम ने गिरफ्तार किए गए सरगना प्रशांत वर्मा और उसका साथी पियूष गुप्ता ने कड़ी पूछताछ के दौरान सट्टा खिलाने के कारोबार को स्वीकार की और बताया है कि वह काफी दिनों से इस अवैध काम को कर रहे हैं। मुख्य आरोपी व सरगना प्रशान्त वर्मा ने एसटीएफ को बताया कि वह इससे पूर्व भी इसी काम में जेल जा चुका है। जेल से आने के बाद वह फिर से जुएं वाह सट्टे के काम में सक्रिय हो गया था। पकड़े जाने के डर से वह स्थान व शहर बदल-बदल कर अपनी गाड़ी में ही फोन द्वारा आईपीएल में सट्टा लगाता था।

उसने पूछताछ में बताया कि वह सारे काम अपने फोन से ही करता था जिसके लिए उसने फोन में ही लाइव लाइन की सुविधा ले रखी थी जिसके वह सीधे कारोबारियों से जुड़ा हुआ था और उसे पल पल की आईपीएल खेल रही टीमों के भाव की जानकारी होती रहती थी और वह इस जानकारी को आगे बढ़ाता रहता था। उसने बताया कि पैसे का लेन-देन हवाला के माध्यम से किया जाता है।किसी भी जनपद में बुकी से पैसे का लेन-देन उसी जनपद में मुख्य बुकी अपने खास व्यक्तियों के माध्यम से कराते है।

डब्बा फोन से लगता था सट्टा
सरगना प्रशांत वर्मा ने बताया कि सट्टे की भाषा में लाईव लाइन (डब्बा फोन) को बुकी बोला जाता है डिब्बा फोन से मेरे जैसे कई बुकी कनेक्शन लिये हुए है।कनक्शन का 2000/- रुपए प्रति माह देना होता है। उसने बताया कि लाइव लाइन (डब्बा फोन) में यदि 55-60 पंजाब बोला गया तो 55 पंजाब का व 60 विरोधी टीम का भाव होता है।इस भाव पर जिस टीम का नम्बर पहले बोला जाता है वह फेवरेट (जिताव) टीम तथा जिसका नम्बर बाद में बोला जाता है उसे लंगड़ी टीम (हारने वाली टीम) कहते हैं।

क्या बोले अधिकारी
गिरफ्तार करने वाली टीम के उपनिरीक्षक सतेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के विरूद्ध थाना आशियाना,कमिश्नरेट लखनऊ में मु.अ.सं.525/2020 धारा 13 जुआ अधिनियम का अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।



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आईपीएल में सटटा लगाने वाले दो आराेपियों को पुलिस ने मंगलवार को पकड़ लिया। उनसे पूछतछ के दौरान एसटीएफ को कई अहम जानकारियां मिली हैं।

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