2 दिसंबर को CM योगी की मौजूदगी में BSE में निगम के बांड की होगी लिस्टिंग; स्वच्छता व विकास को मिलेगी रफ्तार

लखनऊ नगर निगम अब कारपोरेट दुनिया के साथ कदमताल करेगा। राजधानी के विकास, सौंदर्यीकरण और साफ-सफाई के मानक और बेहतर होंगे। राजधानी के विकास योजनाओं को अमल में लाने का खर्च नगर निगम अपने दम पर उठाएगा। बॉम्बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज (BSE) में 200 करोड़ के बांड उतारने के साथ ही नगर निगम और उसकी कार्यशैली की सूरत बदलने जा रहा है। इसका फायदा सीधे शहरवासियों को मिलेगा। 2 दिसंबर को CM योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में मुंबई में नगर निगम के बांड की लिस्टिंग होगी।


नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि प्रदेश सरकार लखनऊ नगर निगम की उपलब्धि को देखते हुए राज्य के अन्य स्थानीय निकायों को प्रोत्साहित करने वाली है। गाजियाबाद वाराणसी, आगरा और कानपुर के नगर निगम भी आने वाले महीनों में नगर निगम के बांड जारी करेंगे।

200 अंकों के साथ लांच किया गया था
नगर आयुक्त ने बताया कि लखनऊ नगर निगम के बांड को BSE में 200 करोड़ के कुल अंक के साथ लांच किया है, जो 225 फीसदी (450 करोड़) से अधिक सब्सक्राइब हुआ। 10 साल के बांड के लिए 8.5 फीसदी की उछाल के साथ एक बहुत ही आकर्षक दर पर बंद हुआ, जो एक रिकॉर्ड है। बताते चलें कि लखनऊ में 2018 में हुए इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर भारत में 'अमृत' योजना के तहत पहले नगर निगम के बांड के रूप में लांच करने के लिए एक चुनौती के रूप में लिया था। नगर निगम का कोविड काल में इसे जारी करना अपने आप में उपलब्धि है।

यह इस बात का संकेत है कि देश में आर्थिक माहौल में सुधार के कारण निवेशकों की दिलचस्पी है। लखनऊ नगर निगम की ओर से लांच किया गया बांड शहरी शासन में एक बदलाव का प्रतीक है। इसके लिए प्रदेश सरकार योगी सरकार और भारत सरकार ने अपना पूरा समर्थन दिया है।



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राजधानी लखनऊ के विकास योजनाओं को अमल में लाने का खर्च नगर निगम अपने दम पर उठाएगा।

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