दिल्ली जाने की जिद पर अड़ीं मेधा पाटकर का 38 घंटे से धरना जारी; आसपास के इलाकों से पहुंच रहे किसान, प्रशासन अलर्ट

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में सैयां बॉर्डर पर बुधवार देर रात से समाजसेवी मेधा पाटकर और उनके समर्थकों का धरना लगातार जारी है। वो दिल्ली जाने की जिद पर अड़े हुए हैं। बुधवार रात से अब तक दो बार धरना रोक कर हाइवे जाम खोला गया पर प्रशासन से वार्ता न बनने पर अभी तक धरना जारी है। आगरा के किसान नेताओं ने भी मेधा पाटकर को समर्थन देना शुरू कर दिया 6है।

केंद्र सरकार के द्वारा पारित कृषि बिल के विरोध में बीती 11 जनवरी को छिंदवाड़ा से जनाधिकार यात्रा का नेतृत्व कर रही मेधा पाटकर को बुधवार देर रात आगरा-राजस्थान बॉर्डर पर सैयां थाना क्षेत्र में रोका गया था। पुलिस ने शांति व्यवस्था के नाम पर उन्हें प्रवेश से रोका है। प्रवेश पर रोक के विरोध में मेधा पाटकर वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गयी हैं और अब तक 500 के लगभग किसान वहां जमा हो चुके हैं।

मेधा पाटकर को समर्थन देने पहुंच रहे किसान
38 घंटे बीत जाने के बाद भी अभी तक प्रदर्शन जारी है। पुलिस और किसान दोनों ही अपनी बात पर अड़े हुए हैं। मेधा पाटकर का समर्थन कर रहे किसानों के साथ अब आगरा के किसान भी जुड़ रहे हैं। किसान नेता श्याम सिंह चाहर भी किसानों की टोली के साथ उन्हें समर्थन देने पहुंच रहे हैं और भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष ने आज कस्बा फतेहाबाद में एक्सप्रेसवे जाम करने की घोषणा की थी।

इसको देखते हए एक्सप्रेस वे पर पुलिस तैनात की गई है और धरना स्थल पर पीएसी लगा दी गयी है। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर कुछ घंटों में मेधा पाटकर और उनके साथ प्रदर्शन करने वाले किसान नहीं माने तो पुलिस बल प्रयोग भी कर सकती है। फिलहाल पुलिस वाहनों को रुट डायवर्ट कर अलग रास्तों से भेजा जा रहा है और आगरा-ग्वालियर मार्ग अवरुद्ध है।



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छिंदवाड़ा से जनाधिकार यात्रा लेकर निकलीं समाजसेवी मेधा पाटकर को आगरा में पुलिस ने रोक लिया था। आगरा- ग्वालियर मार्ग पर वह अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठी हुई हैं।

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