लोकसभा चुनाव लड़ चुका व्यक्ति चला रहा था ठगी का बड़ा गिरोह, 3 आरोपी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश में नोएडा के थाना सेक्टर 24 पुलिस ने सरकारी स्कूलों में नौकरी दिलाने के नाम पर 100 से अधिक लोगों से ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि गिरोह का सरगना पूर्व में लोकसभा चुनाव लड़ चुका है। इससे पूर्व आरोपी ठगी के मामले में जेल भी जा चुका है। आरोपियों के पास से 41 हजार 500 रुपए नकद, जाली दस्तावेज, मोबाइल फोन और डेस्कटॉप कंप्यूटर आदि बरामद किया गया है।

पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) लव कुमार ने बताया कि थाना सेक्टर 24 पुलिस ने एक सूचना के आधार पर मोरना बस स्टैंड के पास से डॉक्टर ब्रृजेश कुमार वर्मा निवासी शकरपुर दिल्ली, महेश पटेल निवासी ग्राम परम थाना मिलक जनपद रामपुर वर्तमान निवासी डायट कैम्पस दनकौर ग्रेटर नोएडा और राजवीर उर्फ राजू पुत्र कालीचरण निवासी हसनपुर जागीर थाना दनकौर ग्रेटर नोएडा को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि पुलिस इस मामले में दो प्रधानाचार्यों समेत पांच अन्य लोगों को तलाश कर रही है जो फरार चल रहे हैं। बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि आरोपियों ने बेरोजगार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के नाम पर अक्तूबर 2020 में नोएडा के ग्राम चौड़ा रघुनाथपुर सेक्टर 22 में एक प्रशिक्षण केन्द्र खोला था जिसमें वह प्रशिक्षुओं को एक सप्ताह का सर्टिफिकेट बिना कोर्स कराए देता था। साथ ही जाली नियुक्ति पत्र जनपद के विभिन्न पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में काम करने के लिए देता था। प्रशिक्षण केन्द्र से जुड़े करीब 100 से अधिक महिला/पुरूषों से अब तक यह अभियुक्त कई लाख रुपए सिक्योरिटी मनी के रूप मे ले चुका है। आरोपी ठगी करने के बाद 11 नवम्बर 2020 को फरार हो गया था। जिसके बाद महिलाओं ने इस संबंध में थाना सेक्टर 24 में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

बीएसए को झांसे में लेकर बेरोजगार महिलाओं से ठगे लाखों रुपए
पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) लव कुमार ने बताया कि आरोपी ने अपनी संस्था एसएसएस के नाम पर जनपद के बीएसए को एक पत्र भेजा था। पत्र में लिखा उनका संस्थान जिले के दनकौर, बिसरख, दादरी , नोयडा के 1०-1० पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को सिलाई/कढ़ाई आदि का नि:शुल्क प्रशिक्षण अपनी योग्य प्रशिक्षिकाओं से देना चाहती है। इसके आधार पर बीएसए गौतमबुद्धनगर द्बारा इस संस्था को नि:शुल्क प्रशिक्षण के लिए अनुमति प्रदान कर दी।

आरोपी ने इसकी आड़ में बेरोजगार महिलाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर तथा सभी से दस हजार से पचास हजार रुपए तक की सिक्योरिटी मनी अपने पास जमा कराली। लव कुमार ने बताया कि जांच में पता चला है कि आरोपी द्बारा जनपद गौतमबुद्धनगर के अलावा मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बुलन्दशहर, गाजियाबाद आदि जनपदों मे अपने इसी प्रकार के कार्यालय खोले गए हैं। पुलिस ने अब इसकी जांच शुरु कर दी है।

ठगी की रकम से लड़ा लोकसभा चुनाव
पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) लव कुमार ने बताया कि कि पूछताछ के दौरान पता चल कि ब्रृजेश कुमार वर्मा प्रतापगढ़ जिले में तेजउद्दीनपुर गांव का रहने वाला है। वह 2०19 में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के टिकट पर मछली शहर जौनपुर से लोकसभा चुनाव लड़ चुका है। बृजेश चश्मे की दुकान करता है। पत्नी प्राइवेट एएनएम है। आय के अन्य स्रोतों में चश्मे की दुकान भी उसने इलेक्शन कमिशन को दिए अपने हलफनामे में बताई थी।

वह 12वीं तक उत्तर प्रदेश बोर्ड से पढ़ा है। उसके बाद रायबरेली के कृपालु इंस्टिट्यूट से ऑप्टोमेट्री में बैचलर डिग्री हासिल की है। इसी वजह से वह अपने नाम के साथ डॉक्टर लिखता है। आरोपी 2०13 में ठगी के मामले में जनपद फतेहपुर से जेल भी जा चुका है। उन्होंने बताया कि ये लोग अब तक करीब 250 लोगों से ठगी करके लगभग 50 लाख रुपए ठग चुके हैं।



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पुलिस का दावा है कि गिरोह का सरगना पूर्व में लोकसभा चुनाव लड़ चुका है। इससे पूर्व आरोपी ठगी के मामले में जेल भी जा चुका है।

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