करणी सेना के महामंत्री समेत 5 गिरफ्तार, अध्यक्ष वीर प्रताप ने कहा- जब पीड़िता का बयान काफी था तो CBI जांच क्यों?

करणी सेना भारत ने हाथरस गैंगरेप केस में सीबीआई (CBI) द्वारा दाखिल चार्जशीट का विरोध करते हुए आज बूलगढ़ी गांव में महापंचायत का ऐलान किया था। लेकिन गांव पहुंचने से पहले इस संगठन के अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह उर्फ वीरू सिंह को सादाबाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उन्हें काफी देर तक थाने में रखा गया। लेकिन, बाद वार्ता व सहमति के बाद पुलिस की मौजूदगी में उन्हें आरोपियों के परिवार से मिलने की इजाजत दी गई है। वीर प्रताप ने सवाल उठाया कि यदि पीड़िता के बयान को ही आधार बनाना था तो CBI जांच क्यों हुई? समाज के किसी बेटे-बेटी को इस तरह फंसाए जाने पर करणी सेना चुप नहीं बैठेगी।

संगठन महामंत्री समेत 5 भेजे गए अस्थाई जेल

महापंचायत के ऐलान के बाद से हाथरस पुलिस व जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर था। गुरुवार रात को शहर के एक होटल से करणी सेना भारत के महामंत्री ओकेंद्र राणा समेत पांच लोगों को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि ये लोग आरोपियों के पक्ष में लोगों को लामबंद कर रहे थे। पुलिस ने SDM कोर्ट में पेशी के बाद पांचों लोगों को अस्थाई जेल सासनी के लिए भेज दिया गया। ओकेंद्र ने कहा कि हाथरस केस में राजपूत जाति के लोगों को गलत फंसाया गया है। CBI जांच गलत और झूठी है। इसलिए उनका संगठन इसके खिलाफ आंदोलन करेगा।

वहीं, शुक्रवार को करणी सेना राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह के आगमन को लेकर पुलिस प्रशासन बूलगढ़ी गांव के बाहर पूरी तरह मुस्तैद रहा। उन्हें रोकने के लिए बरौस टोल प्लाजा के निकट सीमा पर कड़ी निगरानी रही। इसे लेकर सादाबाद पुलिस भी चौकन्ना थी। प्रभारी निरीक्षक डीके सिसोदिया ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह को अन्य पदाधिकारी कार्यकर्ताओं के साथ हिरासत में लिया गया। उन्हें थाने में रखा गया। शांतिपूर्वक पुलिस के साथ बूलगढ़ी जाने की अनुमति दी गई है।

पीड़िता के गांव के बाहर आज ज्वाइंट मजिस्ट्रेट पीपी मीणा फोर्स के साथ मौजूद रहे।

चार्जशीट में पॉलीग्राफ, ब्रेन मैपिंग की रिपोर्ट का जिक्र क्यों नहीं?

वीर प्रताप सिंह ने कहा कि बूलगढ़ी कांड में CBI ने 2000 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया है। लेकिन आरोप पत्र में पॉलीग्राफ टेस्ट, ब्रेन मैपिंग आदि की रिपोर्ट का कोई जिक्र नहीं किया गया। इससे साफ है कि आरोपियों का कोई पॉलीग्राफ टेस्ट, ब्रेन मैपिंग, लाई डिटेक्टर टेस्ट नहीं किया गया है। अगर किया है तो रिपोर्ट कहां है? मैंने आरोपियों के परिवार से वादा किया था कि आऊंगा तो आया हूं। मैं यहां कोई शांति भंग नहीं करना चाहता है। मुझे संविधान पर पूरा भरोसा है।

CBI ने चार्जशीट में कहा था- चारों आरोपियों ने विक्टिम से गैंगरेप किया

पीड़ित से 14 सितंबर को गैंगरेप हुआ था। गंभीर हालत में लड़की को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 29 सितंबर को उसकी मौत हो गई। CBI ने 11 अक्टूबर को हाथरस केस की जांच शुरू की थी। सीबीआई (CBI) ने 22 सितंबर को मौत से पहले पीड़ित के आखिरी बयान को आधार बनाकर 2000 पेज की चार्जशीट 18 दिसंबर को हाथरस में स्पेशल SC/ST कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में कहा गया है कि चारों आरोपियों ने हत्या करने से पहले पीड़ित से गैंगरेप किया था।

पुलिस ने गुपचुप तरीके से रात में किया था अंतिम संस्कार

सफदरजंग अस्पताल में 29 सितंबर को पीड़ित की मौत के बाद पुलिस रात में ही उसका शव गांव ले गई थी। वहां परिवार की गैरमौजूदगी में पुलिस ने गुपचुप तरीके से पीड़ित का अंतिम संस्कार कर दिया था। उत्तर प्रदेश सरकार पर सवाल उठने के बाद CM योगी आदित्यनाथ ने घटना की CBI जांच की सिफारिश की थी।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
यह फोटो हाथरस में सादाबाद कोतवाली की है। करणी सेना भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। वे बूलगढ़ी गांव जाकर आरोपियों के परिवार से मुलाकात करने वाले थे। पुलिस ने उन्हें सशर्त जाने की इजाजत दी है।

Comments

Popular posts from this blog

कोतवाली में हाथ जोड़कर मिन्नतें करती रही महिला, कोतवाल ने मारी लात, वीडियो वायरल

सेना के जवान के खिलाफ पाकिस्तान के लिए जासूसी के सबूत मिले, UP ATS की टीम कर रही कड़ी पूछताछ

अभिभावकों से वसूली पूरी फीस, कर्मचारियों का वेतन काट उन्हें निकाला