51 अफसरों के प्रमोशन के बाद बदले जाएंगे कई IPS; वाराणसी-कानपुर में लागू हो सकता है कमिश्नरेट सिस्टम

उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में बीते दिनों बड़े स्तर पर अफसर प्रमोट हुए हैं। जिसमें चार IG से ADG, DIG से IG और SSP से DIG के कुल 52 अफसरों का प्रमोशन हुआ है। अब नए साल के दूसरे हफ्ते में पुलिस विभाग में बड़े फेरबदल की संभावना है। 13 जनवरी को लखनऊ और नोएडा में कमिश्नरेट व्यवस्था शुरू हुए एक साल हो जाएंगे। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी और कानपुर में भी कमिश्नरी सिस्टम लागू करने की शासन स्तर पर कवायद चल रही है। चर्चा है कि प्रमोट हुए किसी तेजतर्रार अफसर को कमिश्नरेट की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसी तरह नए DIG बने IPS अफसरों को भी पद के अनुरूप तैनात करने पर मंथन जारी है।

PPS अफसरों के भी बड़े पैमाने पर होगी अदला-बदली
नए साल की शुरुआत में IPS अफसरों के अलावा PPS अफसरों को भी बड़ी संख्या में इधर से उधर किए जाने की सुगबुगाहट है। दरअसल‚ अगले वर्ष पंचायत चुनाव से पहले राज्य सरकार प्रशासनिक मोर्चे पर अपने कील-कांटे मजबूत कर लेना चाहती है। बीते कुछ दिनों से जिन जिलों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है‚ वहां तैनात अफसरों को हटाया जाना तय माना जा रहा है। वर्ष 1996‚ 2003 और 2007 बैच के अफसरों के प्रमोशन के बाद राज्य सरकार को भी अब तमाम ऐसे अधिकारी मिल चुके हैं‚ जिन्होंने बीते साढ़े तीन वर्षों के दौरान अपनी योग्यता साबित की है।

इन अफसरों की चर्चा, मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

ADG बन चुके ज्योति नारायण को किसी जोन की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। आगरा रेंज के IG ए. सतीश गणेश को भी उनके अच्छे कामकाज का इनाम आगरा अथवा किसी अन्य महत्वपूर्ण जोन को देकर मिल सकता है। वहीं तीन वर्ष से अधिक समय से आगरा में तैनात ADG अजय आनंद को दूसरी जगह भेजा जाएगा। इसी तरह नवनीत सिकेरा के ADG बनने के बाद पुलिस मुख्यालय में भी फेरबदल होना तय है। क्योंकि वहां दो ADG तैनात नहीं हो सकते हैं। IG फायर सर्विस विजय प्रकाश को वहीं पर ADG बनाने की चर्चा है।

इसके अलावा IG बने राजेश पांडेय को बरेली के स्थान पर किसी महत्वपूर्ण जगह तैनात करने की तैयारी है। देवीपाटन रेंज का जिम्मा बखूबी संभाल रहे डॉ. राकेश सिंह को भी गुटखा व्यापारी के बेटे के किडनैपिंग केस को सुलझाने के फलस्वरूप किसी बड़ी रेंज का IG बनाया जा सकता है। एक चर्चित नाम वाराणसी के SSP अमित पाठक का भी है‚ जिनके कामकाज का तरीका कोरोना काल में सर्वाधिक चर्चा में रहा। इस वजह से राज्य सरकार उनको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में ही तैनात रख सकती है। इसी तरह SSP से DIG बने जोगेंद्र कुमार को भी गोरखपुर की ही जिम्मेदारी संभालने को कहा जा सकता है। नोएडा कमिश्नरेट में तैनात DCP नितिन तिवारी को किसी रेंज का DIG बनाया जा सकता है। कुशीनगर के SP विनोद कुमार सिंह को भी DIG बनने के बाद नई जगह तैनाती दी जाएगी।



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13 जनवरी को लखनऊ और नोएडा में कमिश्नरेट व्यवस्था शुरू हुए एक साल हो जाएंगे। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी और कानपुर में भी कमिश्नरी सिस्टम लागू करने की शासन स्तर पर कवायद चल रही है।

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