हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने CJM से मांगी रिपोर्ट; बोले- DM-SP जांच में सहयोग करें, 8 जनवरी को सुनवाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एटा के वकील राजेंद्र शर्मा और उनके परिवार की पुलिस द्वारा बर्बर पिटाई के मामले की मंगलवार को सुनवाई की। हाईकोर्ट ने CJM से जांच रिपोर्ट तलब की है। साथ ही एटा के DM और SP को जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि CJM जो भी दस्तावेज जांच के लिए मांगे, अफसर उन्हें मुहैया कराएं। बता दें कि इस प्रकरण का हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था।

मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायाधीश एसडी सिंह की खंडपीठ ने जांच में ऑडियो-विडियो के आधार पर घटना की पूरी रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। अब मामले की अगली सुनवाई 8 जनवरी 2021 तय की गई है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस प्रकरण खुद संज्ञान लिया था।

वकील समेत 7 पर दर्ज हुआ था FIR
एटा शहर के कटरा मोहल्ला निवासी वकील राजेंद्र शर्मा और लोकमनदास तिराहा निवासी रामू भटेले के बीच 2014 से एक मकान पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा है। 21 दिसंबर को इस मामले को लेकर दोनों पक्षों में मारपीट व फायरिंग हुई। इसमें मोहल्ला सुंदरलाल स्ट्रीट निवासी अरबाज गोली लगने से घायल हो गया।

विवादित मकान में रहने वाली रेखा शर्मा ने वकील राजेंद्र शर्मा और उनके परिवार समेत 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। आरोप लगाया कि मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। आरोप है कि पुलिस आरोपित राजेंद्र शर्मा को गिरफ्तार करने पहुंची। इस दौरान उनके गेट पर लात मारी गई। राजेंद्र शर्मा के दरवाजा खोलते ही उन पर पुलिस टूट पड़ी। जमीन पर गिराकर उन्हें बेरहमी से घसीटा और पीटा गया।

वकील को उनके परिवार को पुलिस ने बेरहमी से पीटा था।

SSP ने कहा था- स्थिति संभालने के लिए की थी कार्रवाई

इस मामले में SSP एटा ने कहा था कि मकान को लेकर कोर्ट में एक सिविल केस चल रहा है। कोर्ट ने यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। ऐसे में मकान में रहने वाली रेखा शर्मा के घर के बाहर होने पर राजेंद्र शर्मा ने मकान पर कब्जा करने की कोशिश की। इस दौरान फायरिंग में एक शख्स को गोली लगी। पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने के लिए यह कार्रवाई की थी। मामले में आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने वकील राजेंद्र शर्मा के घर का गेट तोड़ दिया था।

चीफ जस्टिस ने कायम की थी जनहित याचिका

एटा पुलिस के इस अभद्र व्यवहार के विरोध में पूरे राज्यभर में वकीलों ने प्रदर्शन किया। साथ ही बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्र ने भी कड़ी आपत्ति जताई थी। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के अध्यक्ष जानकी शरण पांडेय ने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर सरकार को निर्देश जारी करने की मांग की थी। जिस पर चीफ जस्टिस ने जनहित याचिका कायम करते हुए सुनवाई की है।



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यह फोटो 21 दिसंबर की है। एटा में वकील राजेंद्र शर्मा के साथ पुलिस ने अमानवीय व्यवहार किया था।

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