अफसरों को लगाई फटकार, आमंत्रित लोगों के लिए बिछे गद्दे को पैरों से रौंदा, बोले- अपमान की शिकायत CM से करूंगा

उत्तर प्रदेश के जौनपुर में बदलापुर विधानसभा से BJP विधायक रमेश मिश्रा अपनी एक एक हरकत से अचानक सुर्खियों में आ गए हैं। दरअसल, शनिवार को धनियांमऊ में साल 1942 के स्वतंत्रता आंदोलन (अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन) के शहीदों के सम्मान में स्थापित शहीद स्मारक प्रवेश द्वार का शनिवार को शिलान्यास होना था। इसमें अफसरों ने न तो विधायक को बुलाया न ही उनका नाम शिलापट्ट पर लिखवाया। अचानक विधायक रमेश मिश्रा कार्यक्रम में पहुंच गए।

शिलापट्ट पर नाम न देख उनका गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया। उन्होंने अफसरों की जमकर क्लास लगाई और आमंत्रित लोगो के बैठने के लिए बिछाए गए गद्दे को अपने पैरों से रौद डाला। आयोजकों को भी खरी खोटी सुनाई। यही नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले की शिकायत करने की बात कहकर मौके से चले गए। विधायक की इस कारस्तानी के चलते शिलान्यास कार्यक्रम नहीं हो सका।

बिना बुलाए कार्यक्रम में मौजूद विधायक रमेश मिश्रा।

वीडियो वायरल होने पर विधायक ने दी सफाई

हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद विधायक रमेश मिश्रा ने मीडिया में अपना पक्ष रखा। कहा कि हमारी सरकार का शासनादेश है कि विधायकों के क्षेत्र में क्षेत्र पंचायत, नगर पंचायत या उत्तर प्रदेश के किसी सरकारी विभाग द्वारा कार्य कराया जाता है तो उस क्षेत्र के विधायक का नाम शिलापट्ट में होगा। उद्घाटन या शिलान्यास में वह विधायक कार्यक्रम में मौजूद रहेगा। धनियांमऊ शहीद स्थल काफी पुराना है। इस शहीद स्थल से बहुत लोगों की आस्था है। इस शहीद स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए एक वर्ष पहले BDO बदलापुर को पत्र लिखा था। मनरेगा के तहत सौंदर्यीकरण का काम पूरा हुआ। क्षेत्र पंचायत के तहत एक गेट का निर्माण होना था। हमने एक सप्ताह पहले विधायक निधि से एक सोलर लाइट की स्थापना कराया था। मेरे मन में एक संकल्प था, जिस दिन इसका भव्य उद्घाटन करूंगा उस दिन शहीदों के परिवार वालों सम्मानित करूंगा।

योगी से शिकायत करने की बात अड़े विधायक

लेकिन संयोगवश मैं मेरे एक करीबी के निधन खबर मिली तो मै वहां जा रहा था। जब मैंने रास्ते में भीड़ देखा तो मैने BDO से पूछा कि क्या मामला है? उन्होंने बताया कि एक दिन पहले (शुक्रवार की शाम) DM का फोन आया था कि कल (शनिवार को) मैं शिलान्यास करूंगा। आप लोग फटाफट कार्यक्रम की तैयारी करिए। मैंने कहा कि ठीक है। विधायक ने कहा कि मैं कार्यक्रम में पहुंचा तो लोगो ने बताया कि शिलापट्ट पर आपका नाम नहीं है। मैं वापस आकर शिलापट्ट गद्दे को हटाकर खोजने लगा। पत्थर गद्दे के नीचे शिलापट्ट मिला। उस पर मेरा नाम नहीं था जो शासनादेश के खिलाफ है। जिस पर मैने आपत्ति दर्ज कराई है। मैं इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करूंगा।



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यह फोटो जौनपुर की है। बदलापुर से भाजपा विधायक रमेश ने गद्दे को रौंदा।

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