गैर धर्म विवाह पर तीसरे दिन परिवार अनुमति लेने पर खामोश, अब तक किसी ने नहीं किया DM के पास आवेदन

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पारा इलाके में बीते बुधवार को धर्मांतरण के कानून को ताक पर रखकर हो रही शादी को पुलिस द्वारा रोक दी गई थी। आज तीन दिन बाद भी दोनों समुदायों के (वर व कन्या) पक्ष की ओर से जिलाधिकारी के वहां शादी की अनुमति के लिए आवेदन दाखिल नहीं किया गया। गैर धर्म विवाह पर बने नए कानून के बाद प्रदेश की राजधानी में धर्मांतरण का यह पहला मामला होने के कारण दिन भर दोनों समुदायों के परिवारों के वहां मीडिया कर्मियों का जमावड़ा लगा रहा। लेकिन दोनों पक्षों के परिवार मीडियाकर्मियों के सवालों से बचते रहे।

पारा के नरपत खेड़़ा डू़डा कालोनी में बीते बुधवार को हिन्दू धर्म की युवती के साथ मुस्लिम समुदाय के युवक से हो रही शादी को पुलिस द्वारा रोके जाने के दो दिन बाद भी दोनों समुदायों के परिवार शादी की अनुमति के लिए जिलाधिकारी के वहां आवेदन दाखिल नही किया गया है। जबकि लव जिहाद पर बढ़ते मामले को देखते हुए राज्य में कानून लागू हो चुका है। इस कानून के तहत धर्मांतरण कर शादी करने के दो माह पहले जिलाधिकारी से शादी के लिए अनुमति लेना अनिवार्य है। हिन्दू धर्म की युवती से शादी करने वाले मुस्लिम समुदाय का युवक मो. आदिल पुत्र मो. यूनुस के बड़े भाई आसिफ ने बताया कि दोनों परिवार ड़ीएम के वहां शादी की मंजूरी के लिए आवेदन करने नही पहुंचे है।

परिवारों के आवेदन न करने पर उठ रहे सवाल

मोहल्ले के लोगो ने दोनों परिवारों के रजामंदी होने के बाद लोग कई सवाल खड़े कर रहे है । लोगो का कहना है कि हिन्दू धर्म की युवती के परिवार में युवती के साथ उसका सौतेला पिता ‚मां ‚ छोटा भाई और बहन है। बताया जा रहा है कि युवती के पिता शराबी है। वही मुस्लिम समुदाय से हिन्दू धर्म की युवती से शादी करने वाले मो. आदिल के परिवार में पिता मो. यूनुस के साथ बड़़ा भाई मो. आसिफ भाभी सरीफुल बानो है। पुलिस के मुताबिक दोनों परिवार की रजामंदी से शादी कर रहे थे। लेकिन दोनों परिवारों ने नए कानून के तहत डीएम से परमिशन नहीं ली थी।

पांच दिन पहले इस शादी पर पुलिस की थी नजर

मोहल्ले वालो के मुताबिक इस गैर समुदाय की शादी की जानकारी पुलिस को पहले से ही थी। सूत्रों के अनुसार पुलिस लगातार दोनों परिवारों पर नजर बनाए हुए थी। बताया जा रहा है कि हो रही इस शादी के खिलाफ मोहल्ले के लोगो ने ही पुलिस को जानकारी दे दी थी। इसके बाद आदिल के परिवार वाले बिना भीड़–भाड़़ किए ही युवती को घर लाने के बाद निकाह पढ़ाना चाहते थे। जिस पर युवती के परिवार वालो ने एतराज कर शादी को धूम –धाम से करने के लिए ठान लिया। इस पर आदिल के परिवार वाले राजी हो गए। जब लड़की पक्ष के लोग निमंत्रण बांटना शुरू किया। तब लोगो ने नए कानून बनने की जानकारी भी दी।

बावजूद इसके लड़की पक्ष ने टेंट लगाकर दो से ढाई सौ लोगो निमंत्रण देने के बाद खाना बनवाया गया लेकिन शादी के सात फेरे होने के पहले ही पुलिस ने शादी रुकवा दी। जिसके बाद शादी में बना खाना को पुलिस ने निमंत्रित मोहल्ले के लोगो को वितरण कर दिया गया। शादी रूकने से युवती पक्ष से लगभग 70-80 हजार रुपए का नुकसान हो गया है। जानकारी के अनुसार मो. आदिल हिन्दू रीति रिवाज से शादी करने के बाद घर ले जाकर निकाह पढ़वाने के बाद वलीमा का आयोजन होना था।

क्या है नया कानून

उप्र विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020 राज्यपाल की मंजूरी के बाद कानून बन चुका है । इसके तहत मिथ्या‚ झूठ‚ जबरन‚ प्रभाव दिखाकर‚ धमकाकर‚ लालच देकर‚ विवाह के नाम पर या धोखे से किया या कराया गया धर्म परिवर्तन अपराध की श्रेणी में आएगा। इसके अलावा सहमति धर्म परिवर्तन के लिए जिलाधिकारी को दो महीने पहले सूचना देनी होगी।



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बीते बुधवार को धर्मांतरण के कानून को ताक पर रखकर हो रही शादी को पुलिस द्वारा रोक दी गई थी। आज तीन दिन बाद भी दोनों समुदायों की तरफ से शादी का कोई आवेदन नहीं दिया गया है।

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