संदेश यात्रा को मंजूरी न मिलने पर प्रदेश अध्यक्ष लल्लू उपवास पर बैठे, पूछा- क्या UP योगी की जागीर है?

आज कांग्रेस का 136वां स्थापना दिवस है। प्रदेश कार्यालय में समारोह मनाने के बाद प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू संदेश यात्रा निकालकर हजरतगंज के लिए निकले। वे महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने वाले थे। लेकिन, पुलिस ने उन्हें कार्यालय के गेट पर ही रोक दिया। इस दौरान पुलिस के साथ बहस भी हुई। इसके बाद लल्लू कार्यकर्ताओं के साथ कार्यालय के बाहर उपवास पर बैठ गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया है कि उत्तर प्रदेश क्या योगी आदित्यनाथ की निजी जागीर है?

प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि आज कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी का स्थापना दिवस कार्यालय में मना रहे हैं। हम सबको महात्मा गांधी का माल्यार्पण तक नहीं करने दिया गया। कांग्रेस संदेश यात्रा को रोक दिया गया।

संदेश यात्रा रोके जाने के दौरान पुलिस से लल्लू की हुई बहस।

ध्वजारोहण किया गया, सभी वरिष्ठ नेताओं को किया गया याद
कांग्रेस के लखनऊ मुख्यालय स्थित कार्यालय पर प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने ध्वजारोहण कर सभा को संबोधित किया। संबोधन में अजय लल्लू ने गांधी जी के साथ कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं को याद किया। कहा कि आज देश विरोधी ताकतें देश को कमजोर करने में लगी हैं। यह लोकतंत्र के लिए चुनौती हैं। देश का अन्नदाता जो धरती का भगवान है, धरने पर बैठा हुआ है। लोकतंत्र में जो सरकार होती है, वह जनता से चुनी गई होती है। जनता के से चुनी गई सरकार का व्यवहार क्या है? पूरा देश देख रहा है।

लल्लू ने कहा कि किसान आंदोलन को लेकर सरकार के रवैये की दुनिया भर के देशों में आलोचना हुई। किसानों की समस्या का समाधान करने का सुझाव दिया। लेकिन आज भी अलोकतांत्रिक सरकार चल रही है, दमन की सरकार चल रही है। देश के लोकतंत्र के किस चौराहे पर लाकर खड़ा किया गया यह अपने आप में एक चिंताजनक स्थिति है।



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यह फोटो लखनऊ की है। प्रदेश मुख्यालय पर उपवास पर बैठे प्रदेश अध्यक्ष लल्लू।

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