लगातार तीसरे दिन खराब रही राजधानी लखनऊ की हवा, सुधार के लिए किए जा रहे सभी प्रयास फेल साबित हुए

राजधानी का वायु प्रदूषण लगातार तीसरे दिन देश में सबसे ऊपर होते-होते रह गया। मंगलवार को वायु गुणवत्ता में 33 प्वाइंट का सुधार भी आया है। इससे पहले शहर का AQI कई बार 400 को पार कर चुका है लेकिन अन्य शहरों में बहुत अधिक प्रदूषण होने के कारण लखनऊ देश में सबसे अधिक प्रदूषित शहर नहीं बना है।

जिम्मेदार विभाग के अफसरों के द्वारा जो भी प्रयास किये गए उससे अभी तक कोई खास असर नहीं पड़ा है। हवा की गति में कमी आने से पीएम 2.5 की मात्रा में बढ़ोतरी हो गयी है। राजधानी की वायु गुणवत्ता 374 है जो कि वायु प्रदूषण के मानकों में अत्यंत खराब श्रेणी मे माना जाता है।

रविवार को लखनऊ का AQI 407 तक पहुंच गया था। सोमवार को 28 प्वाइंट के सुधार के साथ एक्यूआई 380 पर आ गया है। मंगलवार को वायु गुणवत्ता में छह प्वाइंट का सुधार आया और एक्यूआई 375 पर आ गया। शहर में तालकटोरा क्षेत्र का एक्यूआई खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है।

हवा की गति कम होने से गुणवत्ता खराब हो रही है

लखनऊ के क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी ड़ा रामकरन ने बताया कि हवा की गति कम होने से शुक्रवार से हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है। हवा में पीएम 2.5 की मात्रा बढ़ने से राजधानी की हवा अत्यंत खराब स्तर पर पहुंच गयी है। उन्होंने बताया कि बोर्ड की छापामार टीम ने आधा दर्जन से अधिक निर्माण स्थलों का औचक निरीक्षण किया है। इनमें कई स्थानों पर वायु प्रदूषण के मानकों का उल्लंघन पाया गया है। मानकों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

तीन दिन का एक्यूआई क्या रहा
शहर के प्रमुख स्थानों में 3 जनवरी 5 जनवरी तक एक्यूआई श्रेणी में गोमती नगर 377 से 331 अत्यंत खराब रही, अलीगंज 377 से 340 अत्यंत खराब रही और लालबाग 420 से 390 अत्यंत खराब रही हैं। वहीं ओधौगिक क्षेत्र कहे जाने वाले तालकटोरा 454 से 434 खतरनाक रही है।



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मंगलवार को वायु गुणवत्ता में 33 प्वाइंट का सुधार भी आया है। इससे पहले शहर का AQI कई बार 400 को पार कर चुका है।

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