पीड़ित परिजनों का फूटा गुस्सा, हाइवे पर जाम लगाकर मांगा मुआवजा; फरार ठेकेदार की तलाश जारी

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में मुरादनगर स्थित श्मशान घाट में रविवार को हुए हादसे में अब तक मरने वालों की संख्या 25 पर पहुंच चुकी है। इससे इलाके के लोगों में भारी गुस्सा है। सोमवार सुबह मृतकों के परिजनों ने दिल्ली-मेरठ नेशनल हाइवे पर एक जगह पर चार शव रखकर और दूसरी जगह तीन शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पीड़ित परिजनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा घोषित मुआवजे की राशि को कम बताया। इसके बाद रोड पर लंबा जाम लग गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर 10 लाख का मुआवजा व एक सरकारी नौकरी दिए जाने का भरोसा दिया। इसके बाद लोगों ने जाम खोल दिया। मौके पर पुलिस फोर्स तैनात है।

मुरादनगर के उखलारसी गांव की संगम विहार कॉलोनी में हर दूसरे घर में मातम है। यहां एक परिवार ने पिता-पुत्र व भतीजे को एक साथ खो दिया। परिवार में अब कोई भी कमाने वाला नहीं बचा है। हादसे के बाद शासन ने 2 लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया था। लेकिन परिजनों ने इसे नाकाफी बताते हुए 15 लाख रुपए सहायता राशि की मांग की। यह भी कहा कि पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। मुरादनगर के एसडीएम ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपए और एक सरकारी नौकरी देने का लिखित आश्वासन दिया है। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद जाम खुलवा दिया है। फिलहाल दिल्ली-मेरठ हाइवे पर यातायात सामान्य है।

मृतक के बेटे ने दर्ज कराया केस

SP देहात ईरज राजा ने बताया कि इस प्रकरण में मुरादनगर थाने में मृतक जयराम के बेटे दीपक ने केस दर्ज कराया है। इस केस में नगर पालिका परिषद की अधिशासी अधिकारी (EO) निहारिका सिंह, JE चंद्रपाल, सुपरवाइजर आशीष और ठेकेदार अजय त्यागी के खिलाफ IPC की धारा 304, 337, 338, 427 और 409 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने टीम ने दबिश देकर ठेकेदार अजय त्यागी को छोड़कर अन्य तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आज तीनों को जेल भेजा जाएगा।

आरोपी ठेकेदार अजय त्यागी फरार चल रहा है।

सिर्फ तीन कंपनियों ने डाला था टेंडर

इस केस में फरार चल रहे ठेकेदार अजय त्यागी पर पहले से केस दर्ज हैं। उस पर बसपा पार्षद ने नगर निगम दफ्तर में घुसकर मारपीट करने का केस सिहानी थाने में दर्ज कराया था। लेकिन रसूख के चलते अब तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि श्मशान घाट में निर्माण के लिए सिर्फ तीन कंपनियों ने काम के लिए टेंडर डाला था। जिसमें एक अजय त्यागी व उसके दोस्त ने तीन कंपनियों के नाम से टेंडर दाखिल किया था। टेंडर पूलिंग करके श्मशान घाट का काम लिया गया था। इस काम में नगर पालिका के अफसर मिले हुए थे। महज एक फीसदी के ब्लू टेंडर करके काम उठाया गया था। यह पहले से तय था कि काम त्यागी को ही मिलेगा। हादसे के बाद त्यागी व उसका दोस्त फरार है।

अब तक 25 लोगों की मौत

दरअसल, गाजियाबाद के मुरादनगर स्थित श्मशान घाट पर कस्बे के फल कारोबारी जयराम (65) का रविवार दोपहर में अंतिम संस्कार किया जा रहा था। अंतिम संस्कार के दौरान सभी लोग गेट से सटी गैलरी में खड़े थे। इसी दौरान गैलरी की छत गिरने से कई लोग दब गए। इनमें 25 की मौत हो गई, 17 घायल हैं। ये सभी बारिश से बचने के लिए छत के नीचे खड़े थे। जिस शख्स का दाह संस्कार चल रहा था, हादसे में उनके एक बेटे की भी मौत हुई है।



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यह फोटो गाजियाबाद की है। यहां पीड़ित परिजनों ने दिल्ली-मेरठ हाइवे पर जाम लगाकर 15 लाख रुपए और सरकारी नौकरी की मांग रखी।

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