चोरी के वाहनों का नागालैंड और मणिपुर में बदलवाते थे चेसिस, UP में होता था संचालन, पुलिस ने तीन को पकड़ा

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में सोमवार को चोरी के वाहनों का एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी फर्जी तरीके से नागालैंड, मणिपुर व अन्य राज्यों से NOC लेकर उत्तर प्रदेश में वाहन चलाते थे। वाहनों का चेसिस नंबर भी बदल दिया जाता था। पुलिस ने रजिस्ट्रेशन कराने वाले गैंग के तीन सदस्यों को पकड़ा है। उनके पास से 41 वाहन बरामद हुए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 7.50 करोड़ रुपए है। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

पूरे प्रदेश में अभियान चलाकर जांच के लिए मुख्यालय लेटर लिखा

इटावा पुलिस के अनुसार, पूरे उत्तर प्रदेश में ऐसे वाहनों की काफी अधिक हो सकती है। हालांकि पुलिस का अनुमान है कि करीब 10 वाहन राज्य में चल रहे हैं, जिनके चेसिस नंबर और रजिस्ट्रेशन में हेराफेरी की गई है। इन वाहनों की व्यापक जांच के लिए इटावा पुलिस ने राज्य पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखा है। SSP आकाश तोमर ने बताया कि साल 2016 से पूरे प्रदेश में इस गैंग का नेटवर्क फैला हुआ था। तत्कालीन ARTO वीरेंद्र सिंह का नाम भी आरोपियों द्वारा लिया गया है।

अब इटावा पुलिस की रडार पर सूबे के कई RTO, ARTO कार्यालय के कर्मचारी, दलाल आ गए हैं। SSP ने औरैया जनपद के ARTO रहे मनोज सिंह का नाम लेते हुए उनकी भी इस प्रकरण में संलिप्तता जाहिर की है। कारण ज्यादातर पकड़े गए ट्रक औरैया के नंबर पर चल रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। ऑटो फ्राड गैंग का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को ADG ने 1 लाख, IG ने 50 हजार और 25 हजार SSP इटावा ने इनाम के रुप में दिया है।

पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेजा।

ऐसे हुआ खुलासा
दरअसल, 5 नवंबर 2020 को SOG और थाना सिविल लाइन की संयुक्त टीम ने चोरी किए हुए ट्रैक्टरों का फर्जी तरीके से पंजीकरण कराकर बेचने और प्रयोग करने की संलिप्तता में 12 ट्रैक्टर और दस्तावेजों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद दिसंबर माह में पुलिस की कई टीमों का गठन कर इस मामले की जांच आगे बढ़ाई गई। पुलिस ने मुखबिरों के जरिए कई फर्जी गाड़ियों को चिन्हित किया। इसी बीच पता चला कि कुछ अज्ञात लोग लायन सफारी के सामने बंद पड़े प्लांट के पास कई ट्रक, टैंकर के साथ कार एकत्र किए हुए हैं। इन्हें मध्य प्रदेश में बेचने की मंशा थी। लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों को पकड़ लिया। एक आरोपी भागने में कामयाब रहा।

डायरी में लिखे मिले 35 वाहनों के नंबर

पूछताछ में आरोपियों के कब्जे से एक पॉकेट डायरी मिली। जिसमें 35 वाहनों के नंबर लिखे हुए थे। आरोपियों ने बताया कि ये वाहन नंबर उन गाड़ियों के हैं, जिनका नागालैंड से फर्जी चेसिस नंबर डलवाकर NOC लेकर इटावा, औरैया के तत्कालीन ARTO, उनके क्लर्कों, दलालों के साथ मिलकर फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त किए गए हैं। ये वाहन UP के कई जिलों में चल रहे हैं।



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इटावा पुलिस की बड़ी सफलताओं में से यह एक है। खुलासा करने वाली टीम को पुरस्कृत किया गया है।

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